नगर निगम की सीमा में ग्रामीण क्षेत्र को मिलाने से गांव के जनप्रतिनिधि उतरे मैदान में , निगम की सीमा में नहीं मिलाने की की मांग
भीलवाड़ा: राज्य सरकार ने इस बार पेश किये बजट में भीलवाड़ा नगर परिषद को नगर निगम में कर्मोनत किया था जिसके बाद हाल ही में भीलवाड़ा नगर निगम की पेराफेरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र को भी सम्मिलित किया है जिसके बाद विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। जहां बीजेपी ,कांग्रेस सहित तमाम राजनीतिक दलों के ग्रामीण राजनेता आज भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर नगर निगम की सीमा से ग्रामीण क्षेत्र सम्मिलित नही करने की मांग रखी।
इस दौरान कांग्रेस के राजनेता राजेश चौधरी ने कहा कि भीलवाड़ा नगर निगम द्वारा भीलवाड़ा जिले की सुवाणा पंचायत समिति के सुवाणा, हलेड, पालड़ी, आरजिया , मालोला , पांसल , आटुण, गठीला खेड़ा सहित 24 राजस्व गांव को भीलवाड़ा नगर निगम में शामिल किया है जिससे 24 गांव के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीण ने इसका विरोध दर्ज कराया है इन ग्राम पंचायत के समस्त ग्राम वासियों को प्रशासनिक कार्य के लिए भीलवाड़ा आना पड़ेगा जो अनुचित है ऐसे में हमारी सरकार व मुख्यमंत्री से मांग है कि इन 24 राजस्व गांव सहित ग्राम पंचायत को भीलवाड़ा नगर निगम में शामिल नहीं किया जाए।
क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग पशुपालन व कृषि पर आधारित है अगर इनको नगर निगम के क्षेत्र विस्तार में सम्मिलित किया जाता है तो छोटी-छोटी बात के लेकर भी इन लोगों को जिला स्तर पर चक्कर लगाने पड़ेंगे हमने कलेक्टर को ज्ञापन सोपा है जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन गांवों को भीलवाड़ा नगर निगम में नहीं मिलाने की मांग रखेंगे।
बाईट-राजेश चौधरी
कांग्रेस राजनेता
Social Plugin